इजरायली घेराबंदी के बीच गाजा में खाने-पीने की चीज़ें कैसे पहुंच रही हैं?

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Gaza Crisis Amid War: हमास-इजरायल युद्ध के बीच गाजा में आम नागरिकों को कई समस्याओं से जुझना पड़ रहा है. इसमें डर और भूख अव्वल हैं. 23 लाख की आबादी वाले इस इलाके में भोजन, पानी और बिजली की कमी से भूखमरी जैसे हालात पैदा हो गए हैं. आम लोग एक तरफ तो दाने दाने को मोहताज है तो दूसरी ओर इजरायली हमले के खौफ में जी रहे हैं. 

विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के प्रवक्ता अबीर एतेफा ने कहा, गाजा बुनियादी आपूर्ति की कमी से जूझ रहा है. खाना और पानी खत्म हो रहा है.’लोगों को लगातार निराशाजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है. हालात बद-से बदतर हो रहे हैं. गाजा में असामान्य हालातों के बीच अब तक रफाह क्रॉसिंग से जरिए 84 ट्रकों को गाजा में भेजा गया है. 

सीमा पर कई ट्रक कर रहे हैं इंतजार

गौरतलब है कि इन ट्रकों में ईंधन शामिल नहीं है. गाजा में ईंधन की कमी से लोगों को समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है. अल जजीरा के मुताबिक, इस इलाके में 7 अक्टूबर से पहले हर रोज 500 ट्रकों से सहायता सामग्री पहुंचाई जाती थी. डब्ल्यूएफपी ने कहा है कि 21 अक्टूबर को राफा क्रॉसिंग खुलने के बाद से उन 74 ट्रकों पर डिब्बाबंद मछली और सूरजमुखी तेल सहित 141 टन खाने के सामान गाजा में पहुंची है. अल जजीरा के मुताबिक सीमा पर अब भी 40 ट्रक इंतजार कर रहे हैं लेकिन उन्हें गाजा में अनुमति नहीं मिल रही है. 

छह गुना ज्यादा उत्पादन के बाद भी खाने किल्लत जारी

गाजा में पनपे हालिया समस्याओं से पहले भी डब्लूएफपी रोजाना 2 लाख लोगों को खाना खिलाता था. इसके लिए उसकी 23 बेकरी चलती थी. अब केवल दो बेकरी ही चल पा रही है. बेकरी को अब अपनी क्षमता से छह गुना ज्यादा उत्पादन करना पड़ रहा है. 

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