कौन है शिलान मिरजई जिनसे तुर्किए की राष्‍ट्रीय सुरक्षा पड़ गई खतरे में, घसीटकर उठा ले गई पुलिस,

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Iranian Activist Shilan Mirzaee: तुर्किए (Turkey) में स्थित एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ईरानी शिलान मिरजई (Shilan Mirzaee) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें शायद जल्द ही ईरान भेज दिया जाएगा, जहां ईरानी पुलिस उसे पूछताछ करेगी और यहां तक की शिलान मिरजई को मौत की भी सजा दी जा सकती है. आपको बता दें कि शिलान मिरजई की उम्र 40 साल है वो साल 2016 से तुर्किए में रह रहीं हैं. उनके दो बच्चे भी है. वो ईरान सरकार की तरफ से मानवाधिकारों के उल्लंघन करने के खिलाफ हैं और ईरान सरकार की एक मुखर आलोचक के रूप में जानीं जाती हैं.

शिलान मिरजई ने अपना समय ईरानी राजनीतिक शरणार्थियों की वकालत करने और हाशिए पर रहने वाले समूहों का समर्थन करने के लिए समर्पित किया है. ईरान में राजनीतिक कैदी, LGBTQ समुदाय, जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यक लोग ऐसे समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जिनकी स्थिति सही नहीं है.

शिलान मिरजई के पति का बयान
ईरानी कार्यकर्ता शिलान मिरजई के पति वाहिद सलीम दाने ने कहा उनकी पत्नी को तुर्किए पुलिस ने 6 साल के बेटे के सामने घसीटकर ले गए. शिलान मिरजई के वकील अभी भी उनकी गिरफ्तारी के कारण जानने हेतु आधिकारिक दस्तावेजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं. हालांकि उनके पति, जो गिरफ्तारी के समय मौजूद थे. उन्होंने दावा किया कि तुर्किए पुलिस ने उनसे कहा कि ईरान उनकी पत्नी की गिरफ्तारी चाहता है, इसलिए हम उन्हें ईरान को सौंपने जा रहे हैं और अब तुम उनके पास जाओ. इससे पहले शिलान मिरजई ने एक वीडियो के जरिए इस बात की जानकारी दी कि पुलिस मुझे ले जाने के लिए मेरे घर के बाहर इंतजार कर रही है.

तुर्किए पुलिस ने बताया खतरा
ईरानी कार्यकर्ता शिलान मिरजई ने अपनी गिरफ्तारी से पहले खुद के बयान को रिकॉर्ड किया. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता गिरफ्तारी का कारण क्या है? हालांकि, इसके परिणामस्वरूप मुझे जो भी खतरा झेलना पड़ा वो मेरे अधिकारों का उल्लंघन है. मैं यह वीडियो रिकॉर्ड कर रही हूं ताकि आप मेरी आवाज बन सकें.

तुर्किए पुलिस ने शिलान मिरजई को बंदिरमा निर्वासन केंद्र लेकर चले गए. वहां पर उनके मानवाधिकार में जारी सक्रियता के बारे में पूछताछ की गई. उस दौरान उन्होंने निर्वासन दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया. तुर्किए के पुलिस अधिकारियों ने कहा कि देश में उनकी उपस्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और उन्हें देश छोड़कर चले जाना चाहिए. 

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