जुलाई-सितंबर में 4.9% रही अमेरिका की जीडीपी, दो वर्ष में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ी अर्थव्यवस्था 

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US GDP Data: अमेरिका में आर्थिक मंदी का खतरा पूरी तरह अब टलता नजर आ रहा है.  फेड रिजर्न के ब्याज दरें बढ़ाकर इकोनॉमी की रफ्तार को धीमे करने का कोई असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ रहा है. मौजूदा साल के जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान 4.9 फीसदी की रफ्तार के साथ अर्थव्यवस्था ने विकास किया है.  

अमेरिका के कॉमर्स डिपार्टमेंट ने जीडीपी का डेटा जारी किया है जिसके मुताबिक जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान अर्थव्यवस्था ने दो वर्ष में सबसे तेज रफ्तार के साथ विकास किया है. जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान का 4.9 फीसदी जीडीपी डेटा, इससे पहले अप्रैल से जून तिमाही के 2.1 फीसदी से ज्यादा है. 

अमेरिकी अर्थव्यवस्था के गुड्स और सर्विसेज का आउटपुट इस ओर इशारा कर रहा कि उपभोक्ताओं ने कार से लेकर रेस्टोरेंट में खाने-पीने पर जमकर खर्च किया है. महंगाई दर में तेज उछाल के बाद भी स्थानीय लोग जमकर घूमने फिरने से लेकर स्पोर्ट्स इवेंट्स और कॉन्सर्ट के टिकट्स पर खर्च कर रहे हैं.  

हालांकि जानकारों का मानना है कि अक्टूबर दिसंबर तिमाही से लेकर 2024 के दौरान अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बड़ी सुस्ती नजर आ सकती है. ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चलते बिजनेस से लेकर आम लोग खर्चों में कटौती कर सकते हैं.  

बहरहाल तीसरी तिमाही में अमेरिका के जीडीपी का आंकड़ा 4.9 फीसदी तब आया है जब फेड रिजर्व अर्थव्यवस्था की रफ्तार को थामकर महंगाई पर लगाम लगाने की हरसंभव कोशिश में जुटा है. फेड रिजर्व ने अपने बेंचमार्क ब्याज दरों को बढ़ाकर 5.4 फीसदी कर दिया जो कि 22 साल में सबसे ज्यादा है. एक ओर कई अमेरिकी जमकर खर्च कर रहे हैं वहीं ऐसे भी लोग हैं जिन्हें पिछले दो सालों से कमरतोड़ महंगाई लगातार परेशान कर रहा है.  

तीसरी तिमाही के शानदार जीडीपी के आंकड़े के बावजूद अमेरिकी शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. डाओ जोंस 158 अंक गिरकर 32,877 तो नैसडैक 90 अंकों की गिरावट के साथ 12,730 पर कारोबार कर रहा है. 

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