रफा क्रॉसिंग क्यों है फिलिस्तीनियों के लिए जरूरी, किस बात से डरा यहां कंट्रोल रखने वाला मिस्र?

[ad_1]

<p style="text-align: justify;">इजरायल और हमास के बीच संघर्ष 7 सितंबर से शुरू हुआ था. जिसे अब 11 दिनों का वक्त बीत चुका है. हालांकि फिलहाल इस जंग के हालातों को देखते हुए इसके जल्द खत्म होने की संभावना भी नहीं लग रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">अब इसी बीच मिस्र और इजरायल से होकर गाजा पट्टी गुजरने वाली रफाह क्रासिंग चर्चाओं में है. दरअसल ये क्रासिंग खुलने के बाद गाजा पट्टी से बाहर निकलने की कोशिशों में लगे लोग इससे राहत मिलने की उम्मीद लगाई बैठे हैं, तो वहीं दूसरी ओर ये क्रासिंग ही वो जरिया है जहां से मिस्र गाजा पट्टी में रहने वाले लोगों के लिए राहत का सामान पहुंचा सकता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि इस क्रासिंग के खुलने के इंतजार में बैठे मिस्र को भी इसके खुलने से एक डर सता रहा है, लेकिन हमास और मिस्र के कब्जे वाली इस क्रॉसिंग को खोलने के लिए इजरायल की अनुमति की जरूरत पड़ रही थी. जिसे अब मिस्त्र ने खोलने की इजाजत दे दी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है रफाह क्रॉसिंग?</strong><br />रफाह क्रासिंग गाजा पट्टी के दक्षिण क्षेत्र में स्थित बॉर्डर क्रॉसिंग है. जो गाजा पट्टी को मिस्र के सिनाई रेगिस्तान से जोड़ती है. गाजा पट्टी क्षेत्र में इसके अतिरिक्त इरेज और केरेम शलोम नाम की दो अन्य क्रॉसिंग भी हैं. जिनमें इरेज क्रॉसिंग उत्तरी गाजा और इजरायल के बीच स्थित है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा केरेम शलोम भी इजरायल और गाजा के बीच स्थित एक क्रॉसिंग है लेकिन इसका इस्तेमाल सिर्फ व्यापारिक उद्देश्य से किया जाता है. हालांकि ये दोनों बॉर्डर क्रॉसिंग फिलहाल बंद है. ऐसे में गाजा वासियों को सिर्फ रफाह क्रॉसिंग का ही सहारा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्यों जरूरी है रफाह क्रॉसिंग?</strong><br />फिलिस्तीन चरमपंथी संगठन हमास 7 अक्टूबर को इरेज क्रॉलिंग पर हमला कर इसे बुरी तरह नुकसान पहुंचा चुका है. ये हमास की ओर से एक अभूतपूर्व हमला था जिसमें 1300 से ज्यादा इजराइली नागरिकों की जान चली गई. इस हमले के कुछ दिनों बाद इजरायल ने ये कहा था कि इरेज और केरेम शलोम क्रॉसिंग अगली सूचना तक के लिए बंद रहेगी.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">ऐसे में गाजा पट्टी से बाहर निकलने की आस में बैठे लोगों के लिए रफाह क्रॉसिंग ही एकमात्र सहारा है. वहीं गाजा पट्टी में लोगों के लिए मदद पहुंचाने की कोशिशों में लगीं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के ट्रक भी इसी क्रॉसिंग के जरिए अंदर जा सकते हैं. मिस्र के विदेश मंत्रालय ने इस बात की सूचना दी थी कि वो अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की ओर से गाजा के लिए भेजी जा रही मदद सामग्री को लेकर आ रही उड़ानों को उत्तरी सिनाई में स्थित अल-अरिश हवाई अड्डे की ओर भेज रहा है. ऐसे में गाजा पट्टी में ईंधन और मदद सामग्री पहुंचाने के लिए दर्जनों ट्रक रफाह क्रॉसिंग के बाहर कतार लगाकर खड़े हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पहले था हमास और मिस्र का नियंत्रण</strong><br />रफाह क्रॉसिंग पर पहले हमास और मिस्र का नियंत्रण था, वहीं इस क्रॉसिंग से आने-जाने पर भी हमास और मिस्र का ही नियंत्रण था, हालांकि इजरायल की ओर से ताबड़तोड़ बमबारी के बाद रफाह क्रॉसिंग पर आवागमन और कामकाज बंद हो गया. मिस्र की मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक इजरायल की ओर से 9 और 10 अक्टूबर को तीम हमले किए गए थे, जिसके बाद से ही गाजा क्रॉसिंग बंद है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस हमले में मिस्र और फिलिस्तीन दोनों ओर मौजूद लोग घायल हुए. जिसके बाद मिस्र सरकार ने बीती 12 अक्टूबर को इजरायल को ये कहा था कि वो रफाह क्रॉसिंग के पास बमबारी रोके ताकि वो गाजा में मौजूद लोगों तक राहत सामग्री पहुंचा सके. हालांकि इसके साथ ही मिस्र ने ये भी स्पष्ट कर दिया कि वो तब तक ये क्रॉसिंग नहीं खोलेगा जब तक उसके कर्मचारियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जाती है. इसके अलावा पश्चिमी देश भी ये स्पष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं कि रफाह क्रॉसिंग गाजा में मौजूद विदेशी पासपोर्ट धारकों के साथ-साथ मानवीय मदद पहुंचाने सके लिए सुरक्षित रास्ता बन सके.</p>
<p style="text-align: justify;">ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली और अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बी काह कि वो इजरायल और मिस्र के साथ-साथ इस क्षेत्र की प्रमुख राजनीतिक आवाजों के साथ काम कर रहे हैं ताकि इस क्रॉसिंग को खुलवाया जा सके. वहीं इन अफवाहों के चलते गाजा में रहने वाले क्रॉसिंग खुलने की उम्मीद लिए रफाह क्रॉसिंग पहुंच रहे हैं..</p>
<p style="text-align: justify;">साथ ही बीते सोमवार को भी कुछ खबरें आई थीं जिनमें ये दावा किया गया ता कि संघर्ष विराम के लिए समझौता होने के बाद रफाह क्रॉसिंग को कुछ समय के लिए खोल जाएगा. साथ ही इन खबरों को सुनकर सोमवार को लोगों की भीड़ इस क्रॉसिंग के पास जुट गई थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इजरायल क्यों नहीं चाहता रफाह क्रॉसिंग खुले</strong><br />इसके अलावा इजरायल भी ये नहीं चाहता कि रफाह क्रासिंग खुले, क्योंकि उसे डर है कि इस क्रासिंग के जरिए चरमपंथी संगठन हमास के लड़ाके यहां से भागने की कोशिश करेंगे. ऐसे में वो उन्हें किसी भी तरह कामयाब नहीं होने देना चाहता है.</p>
<p style="text-align: justify;">साथ ही मिस्र के जरिए वो गाजा में घुसने वाले ट्रकों की तलाशी लेना चाहता है. ताकि उन ट्रकों के जरिए गाजा में हथियार न पहुंच सकें. इन सबके बीच मिस्र एक तरफ तो रफाह क्रॉसिंग खोलने के लिए दूसरे देशों के साथ बातचीत में सहयोग करता दिख रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मिस्र को है किस बात की चिंता</strong><br />इस सबके बीच मिस्र एक तरफ तो रफाह क्रॉसिंग खोलने के लिए दूसरे देशों के साथ बातचीत कर रहा है वहीं दूसरी ओर मिस्र को इस बात की भी चिंता है कि कहीं फिलिस्तीनी नागरिक गाजा पट्टी से भागकर सिनाई रेगिस्तान में घुस न जाएं. वैसे भी मिस्र सरकार किसी फिलिस्तीनी नागरिक के लिए अपनी सीमा नहीं खोलना चाहती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा मिस्र सरकार फिलिस्तीनी नागरिकों के साथ चरमपंथियों के घुसने की संभावना से भी चिंतित है. इसके अलावा मिस्र को इस बात का भी डर है कि वहां और अधिक आतंकवादी हमले और अस्थिरता हो सकती है जैसा कि हमास के साथ 2017 में हुए समझौते से पहले सिनाई में था. उनमें से कुछ हमले अच्छी तरह से सशस्त्र और प्रशिक्षित गाजा-आधारित आतंकवादी संगठनों द्वारा किए गए थे.</p>
<p style="text-align: justify;">दूसरी ओर हमास को भारी झटका लगने के बाद गाजा में शासन की कमी, अराजकता और अस्थिरता हो सकती है. इससे अस्थिरता पैदा होगी और गाजा पट्टी के साथ मिस्र की सीमा पर हथियारों और लड़ाकों की तस्करी को बढ़ावा भी मिल सकता है. मिस्र को इस बात का भी डर है कि फलस्तीनी उग्रवादी समूहों द्वारा सिनाई से इजराइल में आतंकवादी गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं, जिससे इजरायल और मिस्र के बीच नाजुक संबंध खतरे में पड़ सकते हैं.</p>
<p><strong>कब रफा क्रॉसिंग होती है बंद?</strong><br />संयुक्त राष्ट के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष जुलाई माह तक हर महीने इस क्रॉसिंग के जरिए 27 जहार लोगों ने बॉर्डर को पार किया था. इस साल ये बॉर्डर 138 लोगों के लिए खोला गया था और 74 दिनों के लिए बंद रखा गया था.&nbsp;</p>
<p>वहीं ये क्रॉसिंग कब बंद होगी ये जमीनी सुरक्षा और राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए तय किया जाता है. वहीं इस बॉर्डर पर इजरायल का कोई सीधा कंट्रोल नहीं है.&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मिस्र के पास क्या है विकल्प?</strong><br />युद्ध शुरू होने के बाद से, मिस्र गाजा में स्थिति को बेहतर बनाने के लिए काफी काम कर रहा है और इजरायल, हमास, फिलिस्तीन प्राधिकरण, अमेरिका, ईरान और अन्य क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पक्षों के साथ भी बातचीत कर रहा है. अरब लीग को पहले ही काहिरा में बुलाया जा चुका है और इस सप्ताह के अंत में मिस्र में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन होने की भी उम्मीद है. मिस्र गाजा पट्टी में भोजन और दवा की डिलीवरी के लिए एक मानवीय गलियारा स्थापित करने की भी मांग कर रहा है.&nbsp; &nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">मिस्र को इजरायल-हमास संघर्ष का परिणाम भी कुछ लाभ पहुंचा सकता है. उदाहरण के लिए, मिस्र फिलिस्तीनी प्राधिकरण की वापसी चाहता है, जो गाजा में प्रशासक के रूप में कूटनीति और वार्ता में शामिल होने के लिए अधिक इच्छुक है. साथ ही ऐसी जगहें जहां हमास काफी कमजोर हो गया है, वहां मिस्र नए विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकता है, जिसमें संभवतः फिलिस्तीनी प्रशासन की वापसी की भी उम्मीदें हैं. इस मामले में मिस्र और इजरायल को अपनी सीमाओं के पार एक अधिक व्यावहारिक पड़ोसी मिल सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">इन सभी से अलग यदि युद्ध खत्म होने तक हमास अपनी सत्ता खो देता है तो मिस्र फिलिस्तीन में सत्ता के परिवर्तन में भी शामिल हो सकता है. पिछले कुछ वर्षों की तरह, मिस्र से अपेक्षा की जाती है कि वो ऐसा बिचोलिया बने जिसके माध्यम से अरब देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता और धन गाजा में स्थानांतरित किया जा सके. ऐसे में मिस्र ये करने में अहम भूमिका निभा सकता है.&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

[ad_2]

Source link

Leave a Comment