हमास का दावा, ‘इजरायल ने गाजा में अस्पताल पर किया एयरस्ट्राइक, 500 लोगों की गई जान’ | बड़ी बाते

[ad_1]

Israeli Airstrike At Gaza Hospital: हमास और इजरायल के बीच जंग 11वें दिन जारी है. इस बीच हमास ने बड़ा दावा किया है. मंगलवार (17 अक्टूबर) को रात के करीब साढ़े 10 बजे हमास ने कहा कि इजरायल ने गाजा पट्टी के अस्पताल अल अहली पर एयरस्ट्राइक किया. इस हमले में 500 लोगों की मौत हो गई.

न्यूज़ एजेंसी एपी के मुताबिक, अगर इस हमले की पुष्टि हो जाती है, तो यह 2008 के बाद सबसे घातक इजरायली हवाई हमला होगा. एपी के मुताबिक, अल अहली अस्पताल की तस्वीरों में अस्पताल के हॉल में आग लगी हुई, शीशे टूटे हुए और क्षत विक्षत शरीर दिखाई दिए.

सैकड़ों मौत के पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि गाजा के कई अस्पताल लोगों के लिए शेल्टर बने हुए हैं. इससे पहले इजरायली सेना ने उत्तरी गाजा में रहने वाले लोगों को जगह खाली करने की चेतावनी दी थी. इसके चलते बड़ी संख्या में विस्थापन देखा गया.

इस बीच इजरायली शहर तेल अवीव और अश्कलोन में साइरन की आवाजें सुनी गई. हमास ने इनपर रॉकेट दागे हैं.

गाजा पट्टी से चलने वाले चरमपंथी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल पर घातक हमला कर दिया था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जंग शुरू हो गई थी. दोनों तरफ से मिलाकर अब तक इस जंग में 4700 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं.

लेबनानी सीमा से उत्तरी इजरायल में हो रहे छिटपुट हमले

जंग लगातार तेज होती जा रही है. लेबनानी सीमा से चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह का हमास को साथ मिल रहा है. हिजबुल्लाह की ओर से भी इजरायल की सीमा पर छिटपिट हमले किए जा रहे हैं, जिनका इजरायली सेना जवाब दे रही है.

मंगलवार को इजरायली रक्षा बल (IDF) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “लेबनान से आज उत्तरी इजरायल की ओर एक एंटी-टैंक मिसाइल दागी गई. आईडीएफ के दो रिजर्विस्ट घायल हो गए… इलाज के लिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया. एक इजरायली नागरिक भी घायल हो गया.” इसी के साथ इजरायल ने कहा कि उसकी सेना ने लेबनान से सीमा पार कर रहे 4 आतंकवादियों को मार गिराया है.

जो बाइडेन बुधवार को पहुंचेंगे इजरायल, दौरे से पहले दिया बड़ा बयान

इस बीच कुछ देश मध्यस्थता करने की बात कह रहे हैं. भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और यूक्रेन जैसे कुछ देशों ने इजरायल का समर्थन किया है. अमेरिका इस जंग में बढ़-चढ़कर दिलचस्पी ले रहा है. उसके रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री इस जंग के बीच में ही इजरायल का दौरा कर चुके हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हमास के क्रूर आतंकवादी हमले के सामने एकजुटता दिखाने के लिए बुधवार (18 अक्टूबर) को इजरायल की यात्रा करेंगे.

बाइडेन ने सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट के जरिये बड़ा बयान दिया है. उन्होंने लिखा, ”इतिहास ने हमें बार-बार सिखाया है कि एंटी सेमिटिज्म (यहूदी विरोध), इस्लामोफोबिया और सभी नफरतें जुड़ी हुई हैं.”

इजरायली रक्षा मंत्री बोले- हमास के पास दो विकल्प हैं…

बता दें कि इस जंग में हमास और इजरायल दोनों ने एक-दूसरे को मिटा देने की कसम खाई है. मंगलवार (17 अक्टूबर) को इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा, ”हमास के सदस्यों के पास दो विकल्प हैं- या तो अपनी पोजिशन पर मर जाएं या बिना शर्त आत्मसमर्पण करें. कोई तीसरा विकल्प नहीं है.” ईरान के विदेश मंत्री ने बड़ा बयान दिया है. ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में ईरानी समर्थक समूह आने वाले घंटों में इजरायल के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं. 

इस युद्ध में अब तक कितने लोगों की गई जानें?

हमास और इजरायल के बीच जारी जंग में अब तक गाजा में इजरायली हमलों के चलते 2,808 लोगों की मौत हुई है. मरने वालों में एक तिहाई बच्चे हैं. वहीं, इजरायल में हमास के हमले के चलते 1400 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं. वहीं, हमास के हमलों में मारे गए सैकड़ों नागरिकों की पहचान इजरायली फोरेंसिक टीमों की ओर से की जानी बाकी है. रफाह पर अटैक और खान यूनिस में तीन घरों पर बमबारी के बाद रातभर हुए इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है.

इजरायल के हमले में मारा गया हमास का एक शीर्ष कमांडर

न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, हमास की मिलिट्री विंग ने कहा है कि मध्य गाजा पट्टी में इजरायली हवाई हमले में उसके शीर्ष कमांडरों में से एक की मौत हो गई है. हमास की सैन्य शाखा अल-कासम ब्रिगेड ने मंगलवार को कहा कि मध्य गाजा पट्टी में इजरायली हवाई हमले में शीर्ष कमांडर अयमान नोफल की मौत हो गई. बता दें कि नोफल गाजा में इजरायली बमबारी में मारा गया अब तक का सबसे हाई प्रोफाइल चरमपंथी था.

गहरा रहा खाने-पीने का संकट

गाजा में गेहूं और आटे के भंडार तेजी से खत्म हो रहे हैं, अंडे, ब्रेड और सब्जियों की सप्लाई भी भी गंभीर रूप से कम हो गई है. पीने योग्य पानी की भारी कमी हो गई है. जो पानी बचा है वो पीने योग्य नहीं है. कई लोग कृषि कुओं का खारा पानी पीने को मजबूर हो गए हैं. मानवीय कार्यकर्ताओं ने कहा है कि गाजा में जो पानी फिलहाल उपलब्ध है, उसे पीने से बीमारियों का जोखिम है. 

गाजा में अस्पतालों को आपातकालीन, ट्रॉमा और सर्जिकल गियर के साथ-साथ ब्लड बैंकों सहित मेडिकल सप्लाई की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है. गाजा के सबसे बड़े अस्पताल में पानी और ईंधन और दवाएं खतरनाक रूप से कम हो गई हैं, इससे वहां मौजूद मरीजों की देखभाल करने में डॉक्टरों को संघर्ष करना पड़ रहा है. बिजली कटौती और जनरेटर के लिए ईंधन की घटती सप्लाई ने मरीजों को जोखिम में डाल दिया है.

वर्ल्ड फूड प्रोग्राम बोला- दुकानों में बस चार या पांच दिनों का खाद्य भंडार उपलब्ध

गाजा में संयुक्त राष्ट्र की ओर से संचालित होने वाले फूड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों के बंद होने की वजह से करीब 500000 लोग भोजन के राशन तक पहुंचने में असमर्थ हैं. वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने कहा है कि कि पानी की भीषण कमी के अलावा, गाजा में खाद्य भंडार भी खत्म हो रहा है और दुकानों में केवल कुछ ही दिनों की आपूर्ति बची है.

वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रवक्ता अबीर एतेफा ने कहा, ”दुकानों में केवल चार या पांच दिनों का आवश्यक खाद्य भंडार उपलब्ध है. गोदामों में करीब दो हफ्ते तक चलने के लिए पर्याप्त भोजन है, लेकिन उन तक पहुंचना मुश्किल है क्योंकि वे गाजा शहर में हैं, जहां इजरायल ने निवासियों को खाली करने का आदेश दिया है.”

इजरायली मां ने हमास के चंगुल से बेटी को छुड़ाने की लगाई गुहार

हमास की ओर से बंधक बनाए गए करीब 200 लोगों में एक 21 वर्षीय इजरायली लड़की भी शामिल है. सोमवार को हमास की ओर से एक वीडियो जारी किया गया था, जिसमें इजरायली लड़की मिया स्कीम दिखी, जिसके हाथ में पट्टी बंधी हुई थी. उस लड़की की मां केरेन स्कीम ने एक न्यूज कॉन्फ्रेंस के जरिए कहा, ”मुझे कल तक नहीं पता था कि वह (बेटी) मर चुकी है या जीवित है… मैं दुनिया से अपने बच्चे को वापस घर लाने की भीख मांग रही हूं.”

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शामदासानी ने दक्षिणी गाजा पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों के इजरायली हमलों में मारे जाने की रिपोर्ट्स पर ऐसी घटनाओं की निंदा की है. उन्होंने कहा, ”ऐसी भयावह रिपोर्ट्स हैं कि दक्षिणी गाजा में पहुंचने की कोशिश कर रहे नागरिकों को विस्फोटक हथियार से मारा गया, इसकी स्वतंत्र रूप से और पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के गंभीर उल्लंघन के सभी आरोपों की जांच की जानी चाहिए.”

जॉर्डन किंग बोले- फलस्तीनी शरणार्थियों को नहीं लेंगे 

जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने बर्लिन में जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ एक बैठक में कहा कि न तो उनका देश और ही मिस्र फलस्तीनी शरणार्थियों को लेने के लिए तैयार होंगे. उन्होंने मंगलवार को मीडिया से कहा, “यह एक ऐसी स्थिति है जिसे गाजा और वेस्ट बैंक के भीतर ही संभालना होगा… इसे दूसरों के कंधों पर उठाने की जरूरत नहीं है.” उन्होंने कहा कि इजरायल और फलस्तीनियों के बीच संघर्ष को और बढ़ने से रोकने के लिए सब कुछ करने की जरूरत है.

गाजा में फलस्तीनियों ने मंगलवार तड़के खान यूनिस और राफा के दक्षिणी शहरों के करीब तेज बमबारी की सूचना दी, जहां इजरायल ने नागरिकों को शरण लेने का आदेश दिया था.  गाजा से भागने की कोशिश कर रहे हजारों लोग राफा में जमा हुए हैं, जिसमें क्षेत्र की मिस्र तक जाने वाली एकमात्र सीमा है.

WHO ने कहा- गाजा में 11,000 घायलों की मदद करने के लिए पहुंच चाहिए

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि उसे मदद और मेडिकल सप्लाई पहुंचाने के लिए गाजा तक तत्काल पहुंच की जरूरत है क्योंकि यह लंबे वक्त तक चलने वाले मानवीय संकट की चेतावनी देता है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक,डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने कहा कि मारे गए 2,800 फलस्तीनियों में से लगभग आधे महिलाएं और बच्चे थे. हमास के घातक हमलों के बाद इजरायल की जवाबी बमबारी शुरू होने के बाद से गाजा में 11,000 अन्य लोग घायल हो गए हैं. यूएन ने गाजा तक जल्द से जल्द पहुंच खोलने के लिए मंगलवार को निर्णय निर्माताओं के साथ बैठक की है. वर्तमान में गाजा में अंदर या बाहर जाने का कोई रास्ता नहीं है.

इजरायली सेना का दावा- गाजा में गाजा में कोई मानवीय संकट नहीं

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सैन्य प्रवक्त लेफ्टिनेंट कर्नल रिचर्ड हेचट ने गाजा में मानवीय संकट होने से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि गाजा में बिजली-पानी है. उन्होंने कहा, ”हमास को बिजली आपूर्ति करने की हमारी प्रतिबद्धता नहीं है… जिन लोगों ने हम पर हमला किया, वे गाजा पट्टी पर पहले से ही कई वर्षों से नियंत्रण रखते हैं. उनके पास बिजली है.”

फिल्म निर्माता यूसुफ हम्माश ने बताया आंखों देखा हाल

बीबीसी के मुताबिक, गाजा में मौजूद फिल्म निर्माता यूसुफ हम्माश नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल के लिए काम करता है. वह सप्ताहांत में अपने परिवार को दक्षिण में खान यूनिस में ले गए. उन्होंने आंखों देखा हाल बताया. उन्होंने कहा कि हर परिवार अपने घरों में दूसरे परिवार की मेजबानी कर रहा है, लेकिन सड़क पर अब भी कई बेघर लोग हैं, यह कुछ ऐसा है जो खान यूनिस में पहले कभी नहीं देखा है. उन्होंने बताया कि हर दिन बेकरी के बाहर परिवार का पेट भरने के लिए भोजन की उम्मीद में लोगों की कतारें लगती हैं. उन्होंने बताया कि हर दिन बच्चों को खिलाने के लिए चीजें ढूंढना हर किसी के लिए एक डेली मिशन है.”

दक्षिणी गाजा में मारे गए कई लोग उत्तर से आए शरणार्थी थे

खान यूनिस में एक अधिकारी ने कहा कि यह वो इलाका है जहां इजरायल ने गाजा सिटी और उत्तर में रहने वाले 10 लाख से ज्यादा लोगों को आने के लिए कहा था. रातभर जो हुआ वो बहुत चिंताजनक संकेत है. उन्होंने कहा कि  इजरायल ने तीन हवाई हमलों में 100 से ज्यादा लोगों को मार डाला, उनमें से अधिकतर उत्तर से आये शरणार्थी थे.

गाजा की स्थिति दुनिया के लिए चर्चा का वैश्विक मुद्दा होगी- IDF

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इजरायली सैन्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने एक न्यूज ब्रीफिंग के दौरान मंगलवार को कहा कि इजरायल की ओर से प्लान किए गए हमले के बाद गाजा पट्टी की स्थिति अंतरराष्ट्रीय चर्चा के लिए एक वैश्विक मुद्दा होगी.

ईरान ने दी इजरायल को चेतावनी

इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने इजरायल को बड़ी चेतावनी दी है. खामेनेई ने कहा, ”अगर इजरायल ने गाजा पर बमबारी जारी रखी तो मुसलमानों को कोई रोक नहीं पाएगा.”

यह भी पढ़ें- Israel Gaza Attack: गाजा पर तो था इजरायल का कब्जा, फिर छोड़ क्यों दिया?

[ad_2]

Source link

Leave a Comment