हमास के कमांडर की मौत, खाने-दवाइयों की किल्लत, फलस्तीन के राष्ट्रपति को पीएम मोदी ने मिलाया फोन

[ad_1]

Israel Palestine Conflict: इजरायल और हमास के बीच 13वें दिन जंग जारी है. 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल में चरमपंथी संगठन हमास के हमले के बाद इजराइली सेना की जवाबी कार्रवाई से शुरू हुई जंग में अब तक हजारों लोग जान गंवा चुके हैं. गाजा से दर्दनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं. जनता को खाने और दवाइयों की किल्लत से जूझना पड़ रहा है. वहीं, गाजा में इजरायली एयरस्ट्राइक में हमास के एक और कमांडर की मौत हुई है. 

कहां कितने लोगों की मौत?  

न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, हमास की ओर से संचालित गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इस जंग के बीच अब तक 3,785 फलस्तीनी मारे गए हैं और 12,500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. इजरायल के 1,400 से ज्यादा लोगों ने जानें गंवाई हैं. इजरायली सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि माना जा रहा है कि हमास ने 206 लोगों के परिवारों को गाजा में बंधक बना रखा है.

इजरायली हमले में हमास के एक कमांडर की मौत

एपी के मुताबिक, गाजा के सरकारी प्रेस कार्यालय जानकारी दी है कि हमास के नेतृत्व वाले नेशनल सिक्योरिटी फोर्सेज के के कमांडर मेजर जनरल जिहाद मुहीसेन अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ गाजा में अपने पर इजरायली हमले में मारे गए. हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि उनके कितने रिश्तेदारों की मौत हुई.

उधर, 17 अक्टूबर की शान करीब साढ़े सात बजे गाजा के अल अहली अरब अस्पताल में हुए दर्दनाक धमाके की जिम्मेदारी न तो इजरायल और न ही हमास ने ली है, जिसमें स्थानीय मीडिया के अनुसार करीब 500 लोगों की जानें गईं. इजरायली सेना ने कहा कि अस्पताल में हुआ धमाका इस्लामिक जिहाद चलाने वाले आतंकी संगठन ने किया, जबकि गाजा के अधिकारियों ने कहा कि इसके लिए इजरायल जिम्मेदार है.

पीएम मोदी ने की फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बात

अल-अहली अरब अस्पताल की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी संवेदना जताई गई है. उन्होंने फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से फोन पर बात की और कहा कि भारत मानवीय सहायता भेजना जारी रखेगा.

गुरुवार (19 अक्टूबर) को पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक X हैंडल से पोस्ट किया, ”फलस्तीनी अथॉरिटी के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बात की. गाजा के अल अहली अस्पताल में नागरिकों की मौत पर अपनी संवेदना व्यक्त की. हम फलस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता भेजना जारी रखेंगे. क्षेत्र में आतंकवाद, हिंसा और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर अपनी गहरी चिंता साझा की. इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत की लंबे समय से चली आ रही सैद्धांतिक स्थिति को दोहराया.”

इस बीच मिस्र की ओर से गाजा पट्टी में सीमित मानवीय सहायता पहुंचाए जाने को अनुमति देने के लिए इजरायल सहमत हो गया है. इजरायल की घर छोड़ देने की चेतावनी के बाद 1 मिलियन (10 लाख) से ज्यादा फलस्तीनी अपने आशियानों को छोड़कर जा चुके हैं.

इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने गुरुवार (19 अक्टूबर) को तड़के गाजा में हमले किए. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, उन इलाकों में भी हमले किए गए जिन्हें इजरायल ने सेफ जोन (सुरक्षित क्षेत्र) घोषित किया था.

हमास बोला- गाजा में कोई मदद या सड़क मरम्मत के साधन नहीं पहुंचे

न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, रफाह क्रॉसिंग के लिए हमास के प्रवक्त वाएल अबू उमर ने कहा कि गुरुवार (19 अक्टूबर) दोपहर तक गाजा में मिस्र से कोई मदद या सड़क मरम्मत के उपकरण नहीं पहुंचे. बुधवार (18 अक्टूबर) शाम को इजरायल और मिस्र एक समझौते पर सहमत हुए थे, जिसके तहत रफाह क्रॉसिंग के जरिये फलस्तीनी क्षेत्र में मदद पहुंचाई जानी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्रॉसिंग के पास की सड़कों की मरम्मत पर जोर दिया था. मिस्र के अधिकारियों का कहना है कि 7 अक्टूबर के बाद से क्रॉसिंग पर इजरायल की ओर से चार हमले किए गए हैं.

वेस्ट बैंक में सात लोगों की मौत

अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली गोलीबारी में सात लोगों की मौत हो गई. रिपोर्ट में कहा गया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक मृतकों की संख्या को लेकर अपडेट है जो अब कम से कम सात फलस्तीनियों तक पहुंच गई है. इसमें कहा गया कि तुलकेरेम (Tulkarem) में नूर शम्स शरणार्थी शिविर में इजरायली सेना की गोलीबारी में कम से कम चार फलस्तीनियों मारे गए. सात लोगों में एक 16 और एक 17 साल का युवक भी शामिल था, जिनके सिर में गोली मारी गई.

सीमा पर खड़े भोजन-पानी और दवाओं से भरे ट्रक

मिस्र से गाजा की ओर जाने वाली सीमा पर बेहद जरूरी भोजन-पानी और दवाओं से भरे ट्रक कतार में खड़े हैं लेकिन यह साफ नहीं हो पाया है कि बॉर्डर कब खोला जाएगा. अमेरिका ने मध्यस्थता की थी कि 20 ऐसे वाहनों को अंदर जाने दिया जाएगा. वहीं, सहायता कर्मियों का कहना है 20 ट्रक पर्याप्त नहीं हैं.

गाजा के भीतर के हालात

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल की ओर से एयरस्ट्राइक जारी है. खाने-पीने की चीजों की किल्लत बढ़ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके पास पानी-बिजली नहीं है और वे डिब्बाबंद खाने पर जीवित हैं.

ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक ने किया इजरायल का दौरा
 
इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इजरायल का दौरा किया. वह गुरुवार सुबह इजरायल पहुंचे थे. सुनक ने इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग और पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की. इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज की इस क्षेत्र की यात्रा के बाद ऋषि सुनक ने इजरायल का दौरा किया. इसके बाद वह सऊदी अरब पहुंचे हैं, जहां क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत करेंगे.

यह भी पढ़ें- पीएम मोदी ने फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से की बात, कहा- ‘मानवीय सहायता जारी रखेंगे’, संबंधों पर भी दिया बयान

[ad_2]

Source link

Leave a Comment