हिजाब नहीं पहनने पर यहां होती है 10 साल की सजा, कोर्ट से भी नहीं मिलती राहत

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Hijab Controversy: भारत में हिजाब पहनने को लेकर अक्सर बहस चलती रहती है. कर्नाटक में लंबे विवाद के बाद अब सरकार ने फैसला किया है कि सरकारी परीक्षाओं में उम्मीदवार या छात्राएं हिजाब पहनकर आ सकती हैं. इस फैसले के बाद एक बार फिर हिजाब को लेकर बहस शुरू हो गई है. कर्नाटक में पिछली यानी बीजेपी सरकार ने हिजाब को शैक्षणिक संस्थानों में बैन कर दिया था. इसी विवाद के बीच हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बता रहे हैं जहां पर हिजाब नहीं पहनने वाली महिलाओं को कड़ी सजा दी जाती है. 

10 साल तक की सजा
दरअसल ईरान की इस्लामिक सरकार ने हिजाब नहीं पहनने पर कड़ी सजा का कानून बनाया है. यहां हिजाब नहीं पहनने पर भारी जुर्माना और 10 साल तक की सजा हो सकती है. यहां हिजाब को लेकर खूब विवाद हुआ था और महिलाएं इसके विरोध में सड़कों पर उतरी थीं. इसी विवाद के बीच सरकार की तरफ से ये विवादित कानून पारित कर दिया गया और हिजाब पहनना पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया. 

ईरान में हुए थे प्रदर्शन
ईरान में महिलाओं ने सोशल मीडिया और सड़कों पर हिजाब को लेकर खूब कैंपेन चलाए, जिसमें कहा गया कि ये अधिकार महिला को होना चाहिए कि उसे हिजाब पहनना है या फिर नहीं. इसे उन पर थोपना गलत है. हालांकि सरकार ने ऐसे तमाम कैंपेनों को दबा दिया. एक प्रदर्शनकारी महिला महसा अमीनी की पुलिस हिरासत के बाद मौत हो गई थी, जिसके बाद विरोध और ज्यादा बढ़ गया. 

अब ईरान के इस नए कानून के बाद अगर कोई महिला इसका उल्लंघन करती है तो उसके लिए माफी के तमाम रास्ते लगभग बंद हो जाएंगे. यहां तक कि उसे कोर्ट से भी राहत मिलना बेहद मुश्किल है. यानी हर हाल में उस महिला को सजा दी जाएगी, जिसने हिजाब या परदा नहीं किया. इसके बावजूद सोशल मीडिया पर अब तक इस कानून और सरकार का विरोध हो रहा है.

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