UNSC में गाजा को लेकर रूस के प्रस्ताव पर अमेरिका ने किया वीटो का इस्तेमाल, क्या हैं मायने?

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America Support Israel: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) गाजा में चल रहे युद्ध पर एक प्रस्ताव अपनाने में विफल रही. दरअसल, बुधवार (25 अक्टूबर) को सदस्य देशों ने दो प्रतिस्पर्धी मसौदे प्रस्तावों (Competing Draft) पेश किए. इस तरह UNSC बैठक में युद्ध विराम पर कोई सहमति नहीं बन सकी.

अमेरिका की ओर से पेश किए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर रूस और चीन ने वीटो कर दिया. इसमें इजरायल को अपनी रक्षा करने का अधिकार देने का आह्वान किया गया था.  वहीं, रूस के प्रस्ताव में मानवीय युद्धविराम का आह्वान किया गया थे, लेकिन रूस के प्रस्ताव को भी पारित होने के लिए पर्याप्त वोट नहीं मिल सके. इस बात की पहले से ही उम्मीद की जा रही थी कि अगर रूस के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए पर्याप्त वोट मिलते भी हैं तो हमेशा के तरह अमेरिका इस बार भी उसके प्रस्ताव पर वीटो कर देगा.  

 दोनों प्रस्ताव हुए खारिज
गौरतलब है कि इजरायल हमास युद्ध पर UNSC के सदस्यों ने खुली बहस के बाद न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में दोनों प्रस्तावों को मतदान के लिए रखा गया था. तीन सप्ताह पहले इजरायल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद यह यूएनएससी में मतदान के लिए रखा गया दूसरा मसौदा प्रस्ताव था.

34 प्रस्तावों को अमेरिका कर चुका है वीटो 
1945 के बाद से यूएनएससी में पेश किए गए इजरायल-फिलिस्तीन से संबंधित कुल 36 मसौदा प्रस्तावों को अब तक वीटो किया जा चुका है. इनमें से 34 को अमेरिका ने और दो को रूस और चीन ने वीटो किया है. अब तक केवल 1972 मसौदा प्रस्ताव ही ऐसा है, जिसे अमेरिका ने वीटो नहीं किया. इसमें सभी पक्षों से सभी सैन्य अभियानों को तुरंत बंद करने और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के हित में संयम बरतने का आह्वान किया गया था.

बता दें कि यूएनएससी में कुल 15 सदस्य देश हैं., लेकिन केवल अमेरिका, रूस, चीन, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस ही इसके स्थायी सदस्य है और इन्हीं 5 देशों के पास वीटो पावर है.  

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